नई दिल्ली, जून 6 -- सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा है कि ऐसा न्यायालय जो केवल उन लोगों के अधिकारों की रक्षा करता है जो मुकदमेबाजी का खर्च उठाने में सक्षम हैं, वह अपने संवैधानिक कार्य को पूरा नहीं कर रहा है। वह केवल उसकी औपचारिकता निभा रहा है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका को न केवल अधिकारों का संरक्षक होना चाहिए, बल्कि यह इतनी सुलभ होनी चाहिए कि उसका संरक्षण वास्तविक रूप से महसूस हो। सीजेआई शुक्रवार को 'क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन' में वाणिज्यिक विधि केंद्र द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने गये थे। वहां उन्होंने छात्रों के साथ व्यापक चर्चा की। छात्रों ने उनसे न्यायपालिका, न्याय तक पहुंच और कानूनी पेशे के भविष्य समेत विभिन्न मुद्दों पर कई सवाल पूछे।

संविधान में निहित सिद्धांत संविधानिक लोकतंत...