नई दिल्ली, मार्च 7 -- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका को पर्यावरण से संबंधित मामलों में संवैधानिक पहरेदार की तरह काम करते रहना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम अब पर्यावरण और विकास के बीच चुनाव करने के युग में नहीं हैं। हम ऐसे युग में हैं जहां एकमात्र न्यायसंगत विकास वही है जो पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हो। सीजेआई यहां सुप्रीम कोर्ट के 'ग्रीन जज' के रूप में सराहे जाने वाले न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की स्मृति में पुनर्निर्मित पुस्तकालय के उद्घाटन के लिए उपस्थित थे। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालतें हर परियोजना को संदिग्ध मानकर संकीर्ण सोच नहीं रख सकतीं, न ही वे पर्यावरण सुरक्षा उपायों को समझौता योग्य मानकर लापरवाह रवैया अप...