न्याय, साहस और मानवता के लिए मशाल की तरह है अली की जिंदगी
अमरोहा, मार्च 13 -- अमरोहा, संवाददाता। शहर के मोहल्ला जाफरी स्थित अजाखाना में मौला-ए-काएनात हजरत अली इब्ने अबी तालिब (अ.स.) की शहादत के सिलसिले में आयोजित तीन दिवसीय मजलिसों का सिलसिला बुधवार रात गमगीन माहौल में संपन्न हो गया। आखिरी मजलिस में भारी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की और इमाम की बारगाह से निकलने वाले ताबूत की ज्यारत की।मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना असगर एजाज कायमी अलीगढ़ ने हजरत अली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने हजरत अली के फजाईल का बयान करते हुए कहा कि अली का जीवन न्याय, साहस और मानवता के लिए एक मशाल की तरह है। मौलाना ने हजरत अली की शहादत के मासाईब (कष्टों) को बयां किया, जिसे सुनकर अजाखाने में मौजूद हर शख्स की आंख नम हो गई। उन्होंने कूफा की मस्जिद में हुए उस दर्दनाक मंजर को याद किया जब इमाम...
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