पटना, जनवरी 9 -- नौ माह में सिर्फ 9 फीसदी केसीसी का ही वितरण हुआ। बिहार में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के व्यावसायिक बैंकों की उपेक्षा के कारण किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण राज्य के किसान छोटी-छोटी पूंजी के अभाव में खेतीबारी का काम सुचारू रूप से जारी रखने में असमर्थ हैं। राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 का दो तिमाही से अधिक समय बीत चुका है लेकिन किसानों को पर्याप्त संख्या में केसीसी उपलब्ध नहीं हो सका है। राज्य में हरेक तिमाही के बाद होने वाले राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में किसानों, पशुपालकों को केसीसी की सुविधा प्रदान किए जाने से संबंधित मुद्दे पर सवाल उठाए जाते हैं, राज्य सरकार की ओर से बैंक प्रबंधनों को फटकार भी लगाई जाती है लेकिन इसमें उल्लेखनीय सुधार अब भी अपेक्षित है। सितंबर, 2025 तक मात...
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