सीतामढ़ी, सितम्बर 5 -- जनकपुरधाम। 26 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ़ के दौरान त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे इंजीनियर संजय साह के घर में नौ दिनों बाद शुक्रवार को चूल्हा जला। नौ दिनों से बेटे के लापता होने की खबर से पूरा परिवार गहरे सदमे में था। माता कपूर देवी और पिता रामफल साह का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटे की चिंता में कपूर देवी की तबीयत बिगड़ गई थी और वह बिस्तर पर पड़ गई थीं। शुक्रवार को करीब दस बजे संजय के मामा को अस्पताल से संजय से फोन पर बात कराई गई। मामा ने संजय से बातचीत के बाद इसकी जानकारी उनके माता-पिता को दी। जैसे ही संजय के सकुशल होने की खबर परिवार तक पहुंची, घर का माहौल अचानक बदल गया। कई दिनों से पसरा मातम खुशी में बदल गया। बेटे के जिंदा होने की खबर सुनते ही बिस्तर पर पड़ी कपूर देवी में जैसे नई ऊर्जा आ गई। उन्होंने ...