नौतपा के बाद सूर्य जून में करेंगे आद्रा नक्षत्र गोचर, राहु का नक्षत्र है आद्रा, इस गोचर में क्या किया जाता है?
नई दिल्ली, जून 1 -- बिहार में आद्रा नक्षत्र का बहुत अधिक महत्व है। आद्रा नक्षत्र का खास तौर पर स्वागत किया जाता है। सबसे पहले जानते हैं कि यह कौन से नंबर का नक्षत्र है और इस नक्षत्र का स्वामी कौन है। इसमें क्या करना चाहिए और इससे राशियों पर क्या असर होगा? आद्रा का अर्थ गीला अर्थात नमी होती है। सूर्य इस साल 22 जून को इस राशि में जाएंगे, इससे पहले 15 जून को सूर्य का गोचर मिथुन राशि में हो जाएगा। अभी नौतपा हैं जो 2 जून को खत्म हो जाएंगे। सूर्य के आद्रा नक्षत्र में जाने को क्यों खास माना जाता है। जब सूर्य इस नक्षत्र में जाते हैं तो मानसून का आगमन हो जाता है। आद्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है। जब सूर्य इस नक्षत्र में जाते हैं तो परेशानियां भी आती हैं और सुख भी मिलता है। आर्द्रा नक्षत्र के लोग इमोशनली अपने आपको अच्छे से जानते हैं, वे अपने इमोशंस ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.