रांची, मई 16 -- रांची। विशेष संवाददाता हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि अगर किसी विधि स्नातक ने बार कौंसिल में एनरोलमेंट के लिए आवेदन किया है और स्क्रूटनी की तिथि तक वह किसी नौकरी में नहीं था, तो नौकरी मिलने के बाद उसका एनरोलमेंट सर्टिफिकेट रोका नहीं जा सकता। अदालत ने कहा कि बार काउंसिल तत्काल प्रार्थी को एनरोलमेंट सर्टिफिकेट जारी करे, जो 15 अक्तूबर 2024 से प्रभावी होगा। लेकिन इसे तीन अक्तूबर 2024 से लेकर जब तक हाईकोर्ट में नियुक्त है, तब तक निलंबित रखा जाएगा। यह भी पढ़ें- छोटानागपुर लॉ कॉलेज में नामांकन शुरू, 30 जून तक करें आवेदनप्रार्थी की याचिका इस संबंध में प्रार्थी रिचा प्रिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर झारखंड राज्य बार कौंसिल के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनका एनरोलमेंट सर्टिफिकेट ...