नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- अगर आप नौकरी करते हैं, तो ग्रेच्युटी (Gratuity) आपके लिए एक बड़ा फाइनेंशियल बेनिफिट हो सकता है। यह एक तरह का रिवॉर्ड होता है, जो कंपनी अपने कर्मचारी को लंबे समय तक सेवा देने के बदले देती है। भारत में ग्रेच्युटी का नियम ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 (Payment of Gratuity Act, 1972) के तहत लागू होता है। आमतौर पर यह रकम कर्मचारी को रिटायरमेंट, इस्तीफा या किसी अन्य कारण से नौकरी छोड़ने पर एकमुश्त (lumpsum) दी जाती है। लेकिन, अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या ग्रेच्युटी पर टैक्स लगता है और इसकी गणना कैसे होती है? यह भी पढ़ें- ग्रेच्युटी के बदल गए नियम, नौकरीपेशा लोगों के लिए जानना जरूरी सबसे पहले समझते हैं कि ग्रेच्युटी के लिए कौन पात्र है। अगर कोई कर्मचारी किसी कंपनी में लगातार कम से कम 5 साल तक काम करता है और...