लखनऊ, मार्च 26 -- -रियाद, आबूधाबी समेत अन्य गंतव्यों के फ्लाइट टिकट आसमान पर-विदेशों में नौकरी कर रहे लोग घर लौटना चाहते हैं तो चाहकर भी नहीं आ पा रहेलखनऊ, प्रमुख संवाददाताफ्लाइट का किराया खाड़ी देशों के बड़े शहरों में रह कर नौकरी कर रहे लोगों की जेब से बाहर हो चुका है। खासतौर पर यूएई की फ्लाइटों की अनिश्चितता बनी हुई है। फ्लाइटें जा भी रही हैं तो किराया एक लाख रुपये या इससे अधिक पहुंच जा रहा है। लखनऊ से दुबई या दुबई से लखनऊ यही स्थिति है। अन्य खाड़ी देशों के प्रमुख शहरों के बीच आने जाने वाली फ्लाइटों की भी कमोवेश यही स्थिति है। फ्लाइटों का किराया युद्ध संकट की वजह से आठ गुना तक बढ़ गया है।हाल ही में कानपुर के एनआरआई को कुवैत के सालमिया जाने के लिए 18 गुना ज्यादा पैसा चुकाना पड़ा। युद्ध के पहले सुमंत मिश्रा जब लखनऊ आए थे तो 18 हजार 200 का...