नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने दो टूक कहा है कि 100 फीसदी आरक्षण को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। दरअसल, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के चुनाव होने हैं। इस चुनाव में वकीलों ने 6 सीटें वैसे वकीलों के लिए आरक्षित करने की मांग की थी, जिनके पास 10 साल से कम का अनुभव है लेकिन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने BCD में 6 सीटें आरक्षित करने की मांग वाली अपील खारिज कर दी और कहा कि ऐसा कदम सभी पदों पर पूरी तरह से यानी 100 फीसदी आरक्षण लागू करने जैसा होगा, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। बता दें कि BCD में 23 सदस्य चुने जाते हैं। इनमें से 12 सीटें उन वकीलों के लिए आरक्षित हैं, जिन्हें 10 साल से ज्यादा का अनुभव है, जबकि 5 सीटें महिला वकीलों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षित कर रखी हैं। शेष ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.