आरा, जुलाई 31 -- आरा। नोटरी अधिनियम, 1952 के तहत नियुक्त नोटरी पब्लिक द्वारा निष्पादित शपथ-पत्रों (एफिडेविट) को बिहार सरकार के सभी विभागों, जिला प्रशासन, अंचल कार्यालयों एवं अन्य सरकारी संस्थानों में समान रूप से स्वीकार किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल हुई है।

प्रमोद कुमार राय का मुद्दा अधिवक्ता एवं नोटरी पब्लिक प्रमोद कुमार राय की ओर से उठाए गए जनहित के मुद्दे पर राष्ट्रपति सचिवालय के संज्ञान के बाद बिहार सरकार ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। प्रमोद कुमार राय ने अपने आवेदन में बताया था कि कई सरकारी कार्यालय नोटरी पब्लिक के समक्ष विधिवत निष्पादित शपथ पत्र स्वीकार नहीं करते, जबकि कार्यपालक दंडाधिकारी के समक्ष बने शपथ पत्रों को मान्यता दी जाती है। इससे जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, आय, जाति, आवासीय, वंशावली तथा भूमि संबंधी मामलों मे...