नोएडा, जनवरी 24 -- नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुए एक सप्ताह बीत गए। प्रदेश की आर्थिक राजधानी में इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर दिया। एसआईटी की जांच में भी सवाल उठ रहा कि आखिर दो घंटे तक युवराज को बचाया क्यों नहीं जा सका, जबकि कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। वहीं, इस लापरवाही की जद में आए अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। 16 जनवरी की रात हुए हादसे ने सरकारी इंतजाम की पोल खोलकर रख दी। सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जाहिर करने के साथ लोगों ने सड़कों पर भी प्रदर्शन किए। आरोप लगे कि तमाम दावों के बाद भी अधिकारी युवराज को बचाने के लिए आवश्यक संसाधन क्यों नहीं ला सके? इंजीनियर की मौत का जिम्मेदार कौन है? एसआईटी की जांच का केंद्र बिंदु हादसे के बाद शुरुआती दो घंटे हैं। सूचना मिलने के बाद भी सिस्टम इंजीनियर को क्यों ...