लखनऊ, अप्रैल 16 -- लखनऊ। नोएडा आंदोलन के बाद मजदूरों के हालात पर चिंतन जरूरी है क्योंकि नोएडा के श्रमिकों के आंदोलन के उग्र होने, अराजकता फैलाने पर वहां पर त्वरित निर्णय लिए जाने से प्रदेश के अन्य श्रमिकों को ऐसा करने की प्रेरणा देने का काम करेगी। ऐसी स्थिति में दिहाड़ी मजदूर हों, संविदा हों, आउटसोर्स हों और चाहे नियमित कर्मचारी हों, सभी को अलग-अलग वेतन से देश में असमानता, हीनभावना और आक्रोश को जन्म देती है। ये बातें मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों के स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण मजदूरों में असंतोष फैल रहा है। यह भी पढ़ें- नोएडा में मजदूर आंदोलन को कुचलने का प्रयास निंदनीय: लखन यह भी पढ़ें- ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों ने किया प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा यह भी पढ़ें- श्रमिकों के उत्पीड़न के खिलाफ...