प्रयागराज, सितम्बर 24 -- नैनी स्थित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीटीआई) में गुरुवार से ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया मशीन आधारित हो गई। मारुति की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक को स्वचालित किया गया है। इससे अब आवेदक के ड्राइविंग कौशल की जांच के बाद लाइसेंस के आवेदन को पास या फेल करने की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा। नई व्यवस्था को सारथी सॉफ्टवेयर से तकनीकी रूप से जोड़ा गया है। ड्राइविंग टेस्ट में अभ्यर्थी के प्रदर्शन के आधार पर परिणाम दर्ज होगा और उसी के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन को मंजूरी या अस्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे टेस्ट के परिणाम में पारदर्शिता आने के साथ प्रक्रिया को भी तेज करने में मदद मिलेगी। एआरटीओ प्रशासन विजय प्रकाश ने बताया कि गुरुवार से एकीकृत ...