हल्द्वानी, जनवरी 15 -- हल्द्वानी। नैनीताल जिले में इंस्पेक्टरों की कुर्सी पर दरोगा काबिज हैं। वरिष्ठता और पुलिस नियमावली से किनारा कर जिले की कोतवाली में दरोगाओं को तरजीह दी गई है। नियमों के मुताबिक कोतवाली में निरीक्षक यानि इंस्पेक्टर की ही तैनाती होनी चाहिए। अभी पांच दिन पहले काशीपुर के पैगा निवासी सुखवंत ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित होटल में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। उन्होंने यूएस नगर के आईटीआई थाने और पैगा चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। जांच में सामने आया कि आईटीआई थाने के प्रभारी दरोगा थे, जिन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि के बावजूद यहां का प्रभारी बनाया था। जबकि यहां पद कोतवाल का है। इसके बाद पूरे कुमाऊं में मामला उछला है कि कोतवाली की कमान आखिर निरीक्षक के बजाए दरोगाओं को क्यों दी जा रही है। न...
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