मऊ, अक्टूबर 3 -- मऊ, संवाददाता। भौतिक शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार, समाज, कार्यस्थल में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते हैं। युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करके डॉक्टर, इंजीनियर बनकर धनोपार्जन कर सुख-सुविधा युक्त जीवन निर्वाह करना चाहते हैं, परंतु जब उनका उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पाता तो उनका मन असंतुष्ट हो उठता है और मानसिक संतुलन गड़बड़ा जाता है। ऐसे में युवाओं को नई दिशा देने के लिए नैतिक शिक्षा जरुरी है। यह बातें माउंट आबू से ब्रह्माकुमारी के पधारे बीके भगवान भाई ने कही।

नैतिक शिक्षा का महत्व वे एक स्कूल के प्रांगण में सकारात्मक चिन्तन और नैतिक शिक्षा से सशक्त युवा विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य हैं चरित्र का निर्माण करना, असत्य से सत्य की ओर ले जाना, बंधन से मुक्ति की ओर जाना लेकि...