नई दिल्ली, जनवरी 24 -- गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) को आदेश दिया है कि वह नेशनल हाईवे-29 के निर्माण के दौरान एक स्थानीय भूस्वामी की संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करे। अदालत ने कहा कि नागरिक को उसकी संपत्ति के लाभप्रद उपयोग से वंचित करना उसके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21 और 300A) का स्पष्ट उल्लंघन है। कोहिमा निवासी थजाओ सेखोसे ने अदालत में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि NH-29 को फोर-लेन बनाने के दौरान की गई भारी खुदाई और मिट्टी कटाई की वजह से उनके क्षेत्र में भूस्खलन शुरू हो गया। उनका आरोप है कि इसके कारण उनकी तीन मंजिला आरसीसी इमारत, सूअर पालन केंद्र और सीढ़ीदार खेत पूरी तरह अनुपयोगी हो गए। निर्माण कार्य के दौरान उनके करीब 80 पेड़ काट दिए गए। उनका निजी रास्ता बं...