देहरादून, अगस्त 10 -- आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिका रत्न पूर्णमति माता ससंघ के सान्निध्य में रविवार को श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर, माजरा में नेमिकुमार का स्वागत समारोह, तिलक एवं बिनौली यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई।

समारोह की शुरुआत नित्य नियम पूजन के बाद णमोकार महामंत्र के मंगल उच्चारण से धर्मसभा का शुभारंभ हुआ। आर्यिका पूर्णमति माता ने प्रवचन में कहा कि केवल जप-तप से स्वर्ग की प्राप्ति ही साधना का अंतिम लक्ष्य नहीं है। स्वर्ग से भी जीव को संसार में लौटना पड़ता है, जबकि मोक्ष का सुख असीम, अतुलनीय और निरंतर नवीन है।

प्रवचन में मोक्ष का महत्व उन्होंने श्रद्धालुओं से इंद्रिय सुखों में न उलझकर आत्मस्वरूप को पहचानने और मोक्ष प्राप्ति के लिए पुरुषार्थ करने का आह्वान किया। आचार्य पूज्यपाद स्वामी द्वारा रचित इष्टोपदेश पर उन्...