नई दिल्ली, नवम्बर 2 -- नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने रविवार को सरकार के उस विवादास्पद फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी, जिसमें चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और जापान समेत 11 देशों में तैनात राजदूतों को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया था। नेपाल सरकार की कैबिनेट ने 6 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया था कि 6 नवंबर तक इन राजदूतों को स्वदेश लौटना होगा। न्यायमूर्ति सारंगा सुबेदी और न्यायमूर्ति श्रीकांत पौडेल की संयुक्त खंडपीठ ने रविवार को यह अंतरिम आदेश जारी किया। अदालत ने चेतावनी दी कि इस कदम से मेजबान देशों के साथ नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। अंतरिम आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन राजदूतों का कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ था, कैबिनेट के फैसले में इन्हें वापस बुलाने के कोई स्पष्ट कारण नहीं बताए गए, और रिक्त पदों पर नए राजदूतों क...