नई दिल्ली, अगस्त 13 -- नेपाल में नई नवेली बालेन शाह सरकार बनने के बाद भारत के साथ उसके रिश्तों में एक नयापन देखने को मिला है। लेकिन पूर्व नेपाली पीएम के. पी. सरमा ओली के समय में शुरू हुआ जमीन विवाद अभी भी मूल समस्या बना हुआ है। अब इस मुद्दे पर नेपाल सरकार की तरफ से नया बयान सामने आया है, जिस संधि के आधार पर काठमांडू भारत के तीन क्षेत्रों पर अपना अधिकार जताता रहा है। उसे उस संधि के कागजात के बारे में जानकारी नहीं है। नेपाल सरकार ने अपनी संसद को बताया है कि वह यह पक्का नहीं कर सकती कि उसके पास 1816 की सुगौली संधि के असली दस्तावेज हैं या नहीं। बता दें, इसी संधि में ब्रिटिश भारत के साथ हिमालयी देश की सीमा तय की गई थी। नेपाली मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक बालेन सरकार ने अपने दावे को और मजबूत करने के लिए नेपाल के विभिन्न आर्काइव और संग्रहालयों...