नेपाल त्रासदी के बाद बदला नदी का मंजर, तटबंध किनारे बसे ग्रामीण सहमे
कुशीनगर, सितम्बर 1 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। साल के चार महीने उग्र रहने वाली बड़ी गंडक नदी इस बार बाढ़ और कटान से अधिक नेपाल में हुई तबाही के निशान अपने साथ बहाकर लाई है। छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर तीन के समीप नदी में बहकर आईं लाशें, गैस सिलेंडर, कीमती लकड़ियां और अन्य सामान देखकर नदी किनारे बसे गांवों के लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने गंडक में कई बार बाढ़ और नदी का रौद्र रूप देखा है, लेकिन इस बार नदी में जो कुछ बहकर आया, वैसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था。 यह भी पढ़ें- नेपाल से पानी आने के बाद बड़ी गंडक उफनाई, कुशीनगर में फिर मंडराया बाढ़ का खतराछितौनी तटबंध पर ग्रामीणों की चिंताएं छितौनी तटबंध के निकट स्थित सिसई दधीचि गांव निवासी दुखी बताते हैं कि गंडक में अनगिनत बार बाढ़ आई है। हर बार ग्रामीणों ने नदी के बढ...
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