नई दिल्ली, अगस्त 31 -- नेपाल-तिब्बत सीमा पर हाल ही में ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ ने पूरे पूर्वी हिमालयी क्षेत्र में 'कैस्केडिंग डिजास्टर' यानी एक के बाद एक जुड़ने वाली आपदाओं के गंभीर खतरे को लेकर सवाल खड़े कर दिए दिया है। 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भूकंप, बर्फ/चट्टान का भूस्खलन, मूसलाधार बारिश या ग्लेशियर झील का फटना एक ऐसी विनाशकारी श्रृंखला शुरू कर सकता है जो सैकड़ों किलोमीटर दूर तक तबाही मचा सकती है। नेपाल में लहेंडे खोला और भोटेकोशी नदी में मलबे के भारी सैलाब ने यह साबित किया कि यह बहु-स्तरीय आपदा कितनी तेजी से फैलती है। भले ही इस घटना को शुरू में भूकंप समझा गया था, लेकिन अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) ने पुष्टि की कि लगभग 1.2 किलोमीटर की ऊंचाई से गिरे बड़े हिमखंड और चट्टानों के प...