नैनीताल, मई 21 -- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नेपाल मूल के लोगों की ओर से खुद को भारतीय बताकर नैनीताल के आसपास सरकारी और वन विभाग की भूमि पर गलत तरीके से भारत की नागरिकता के दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सरकार से ये बताने के लिए कहा कि नेपाल मूल के लोग किस पॉलिसी के तहत भारत में रह रहे हैं और उनकी ओर से कैसे भूमि खरीदी जा रही है? सरकार को इसका जवाब तीन सप्ताह में देना होगा। यह भी पढ़ें- राघव चड्ढा ने खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा, आखिर कौन सा डर सता रहा?सरकार का पक्ष सुनवाई के दौरान सरकार ने शपथ पत्र पेश कर कहा कि 1950 की नियमावली के तहत भारतीय लोग नेपाल में और नेपाल के लोग भारत में रह सकते ...