मोतिहारी, मई 7 -- रक्सौल, एसं। आयातित वस्तुओं पर अधिकतम खुद्रा मूल्य अनिवार्य करने के सरकारी निर्णय के कारण वीरगंज सहित देश के प्रमुख भंसार पिछले डेढ़ सप्ताह से बना गतिरोध और अनिश्चितता आखिरकार समाप्त हो गया है। भंसार विभाग और व्यापारियों के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के बाद बुधवार से वीरगंज सहित देश के अन्य प्रमुख नाकों से मालवाहक वाहनों की जांच व आवाजाही सामान्य हो गई है। ​स्वघोषणा और गोदाम में लेबलिंग पर बनी सहमति : एमआरपी विवाद के कारण करीब 10 दिनों से वीरगंज भन्सार कार्यालय में माल से लदे हजारों ट्रक फंसे हुए थे, जिससे राजस्व संग्रह में भारी गिरावट आई थी। यह भी पढ़ें- नेपाल में जुर्माना वसूली के विरोध में फूटा गुस्सा, ट्रक चालकों ने किया घंटों प्रदर्शन समस्या का समाधान तब निकला जब भन्सार विभाग आयातकों को वस्तु की एमआरपी स्वघोषणा कर...