देहरादून, अगस्त 16 -- देहरादून। चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर बदलती तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों के साथ तालमेल बिठाना चिकित्सकों के लिए बेहद जरूरी है। इससे न केवल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं, बल्कि युवा डॉक्टरों की दक्षता भी बढ़ती है। यह बात प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने रविवार को झाझरा स्थित डॉ. केकेबीएम सुभारती अस्पताल (गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय) में आयोजित द्वितीय डॉ. केके भटनागर मेमोरियल वार्षिक सीएमई 'सुभारती ऑप्थाकॉन-2026' में कही। बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक आयोजनों से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुदृढ़ होती है। कार्यक्रम का आयोजन सुभारती ग्रुप के संस्थापक प्रो. डॉ. अतुल कृष्ण एवं चांसलर डॉ. यशवर्धन के मार्गदर्शन में स्वर्गीय डॉ. केके भटनागर क...