भभुआ, अक्टूबर 31 -- बोले किसान, खेत में गिरे धान नष्ट हुए तो पेट पालने के लिए खरीदना पड़ेगा चावल मोंथा चक्रवात से फसल क्षति होते देख चिंतित किसानों की नेता नहीं सुन रहे पीड़ा प्रकृति ने किसानों को दशहरा बाद दुबारा दे दिया दर्द, कटनी की तैयारी रह गई धरी किसान बोल रहे 40 प्रतिशत नुकसान, कृषि विभाग 20-25% क्षति की कह रहा बात ग्राफिक्स 1.41 लाख हेक्टेयर भूमि हुई है धान की रोपनी 90 हजार हेक्टेयर भूमि में है रबी की खेती का लक्ष्य (पेज चार की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। धान का कटोरे के नाम से चर्चित कृषि प्रधान कैमूर जिले में लगातार चार दिनों से बारिश हो रही है। प्रत्याशी और नेता, कार्यकर्ता, समर्थक जहां वोट मांगने में व्यस्त हैं, वहीं जिले के किसान खेतों में गिरे धान की फसल को नष्ट होते देख चिंतित हो उठे हैं। कल तक चुनाव की चर्चा से नही...