आगरा, मई 1 -- नृत्य केवल शरीर की गति नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है। विश्व नृत्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में यही भाव सजीव हुआ। नृत्य ज्योति कथक केंद्र, आगरा द्वारा ईदगाह स्थित ब्रह्मा कुमारीज के प्रभु मिलन केंद्र पर नृत्य संध्या एवं कला संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी बीके अश्विना ने राजयोग के माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि नृत्य न केवल आध्यात्मिकता से जोड़ता है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। शास्त्रीय और लोक नृत्य केवल कला नहीं, बल्कि भक्ति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम हैं। भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपराओं की विशेषता उनकी आध्यात्मिक गहराई और भावों की विविधता में निहित है। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डिजिटल युग में नृत्य की अभिव्यक्ति और प्रस्तुति के बदलते स्वरूप ...