नृत्य कला में सिद्धि प्राप्त करने के लिए नियमित साधना अत्यंत आवश्यक
लखनऊ, जुलाई 27 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को कलामंडपम सभागार में हुआ। कार्यशाला पंडित बिरजू महाराज पीठ के अंतर्गत नृत्य विभाग की ओर से आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का संचालन प्रख्यात कथक विशेषज्ञ पंडित जयंत कस्तुआर कर रहे हैं।पंडित जयंत कस्तुआर ने नृत्य की अनेक सूक्ष्म बारीकियों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नृत्य कला में सिद्धि प्राप्त करने के लिए नियमित साधना अत्यंत आवश्यक है। अपने जीवन के विविध अनुभव साझा करते हुए वे गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर भावुक हो उठे और उन्होंने बताया कि गुरु के सानिध्य में रहकर ही कला का वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कथक नृत्य तभी पूर्णता प्राप्त करता है, जब उसके साथ संगत करने वाली व...
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