इस्लामाबाद, मई 12 -- अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ताजा अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक, एक तरफ जहां पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांति के लिए 'मध्यस्थ' होने का दिखावा कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसने ईरानी सैन्य विमानों को संभावित अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए अपने एयरबेस पर छिपने की जगह दी। इस खुलासे के बाद वाशिंगटन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।नूर खान एयरबेस पर उतारे गए ईरानी विमान CBS न्यूज की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि 8 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा करने के कुछ ही समय बाद, ईरान ने अपने कई विमानों को पाकिस्तान के 'नूर खान एयरबेस' पर शिफ्ट कर दिया था। इन विमानों में ईरानी वायुसेना का एक आरसी-...