देहरादून, अप्रैल 17 -- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में शुक्रवार को दून में भी महिलाओं ने रचनात्मक तरीके से अपनी मांग रखी। कला संस्कृति साहित्य परिषद और उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की ओर से गांधी पार्क के समीप नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर विधेयक में महिलाओं की एक-तिहाई भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई। संभव नाट्य मंच के रंगकर्मियों ने अपने नाटक के माध्यम से समाज में महिलाओं की स्थिति और उनकी उपलब्धियों को दर्शाते हुए यह सवाल उठाया कि जब भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना जाता है, तो शासन और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सीमित क्यों है। यह भी पढ़ें- महिला आरक्षण विधेयक भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय: डॉ. आरुषि निशंक प्रस्तुति में यह भी दिखाया गया कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर चुकी...