महाराजगंज, सितम्बर 30 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। लगातार बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है तो किसानों के लिए अब खेत के साथ बीमा की शर्तों पर भी नजर रखना जरूरी है। खेत में फसल बर्बाद होने के बाद सिर्फ नुकसान देखकर मुआवजे का इंतजार करना पर्याप्त नहीं होगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत व्यक्तिगत स्तर पर फसल क्षति की सूचना घटना के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना जरूरी है। निर्धारित समय में सूचना नहीं देने पर किसान क्षतिपूर्ति के लाभ से वंचित हो सकता है।

कृषि विभाग के उपाय खास बात यह है कि बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति के लिए प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान की निर्धारित शर्तों का पूरा होना जरूरी है। कृषि विभाग के मुताबिक स्थलीय जांच में 50 फीसदी तक नुकसान की पुष्टि होने पर बीमित राशि का 25 फीसदी तत्काल भुगतान किया ज...