घाटशिला, जनवरी 15 -- पोटका,संवाददाता। प्रखंड के जुड़ी पंचायत के नुआग्राम में संकीर्तन कर मकर पर्व की परंपरा निभाई गई। गांव के साहित्यकार सुनील कुमार डे ने कहा कि मान्यता है पौष संक्रांति के दिन भक्त भगीरथ ने मां गंगा को मृत्युलोक में तपस्या कर के उनके अभिशप्त सागर वंश को मुक्ति दिलाने के लिए गंगा सागर के कपिल मुनि के आश्रम में लाए थे। इसलिए मां गंगा का और एक नाम भागीरथी भी है। मां गंगा का स्पर्श पाकर सागर वंश का उद्धार हुआ था, इसलिए पौष संक्रांति में गंगा स्नान करने का महत्व प्राचीन काल से चला आ रहा है। सभी लोग गंगा स्नान करने के लिए गंगा नदी तक नहीं जा पाते हैं, इसलिए गांव के लोग कोई नदी अथवा तालाब में जाकर नहाते है, नए वस्त्र पहनते हैं और मकर कीर्तन करते हुए घर आते हैं। यह धार्मिक परंपरा आज भी पोटका के नुआग्राम में जीवित हैं। बुधवार को ...