मऊ, जनवरी 16 -- मऊ, संवाददाता। जिले के हमीदपुर निवासी 45 वर्षीय डॉ. मेहरूद्दीन स्थानीय नगर में यूनानी चिकित्सालय संचालित करते थे। 12 जनवरी को वह अपने घर से आजमगढ़ के सरायमीर गए थे। इसी दौरान जब वह आजमगढ़ में नीलगाय के अचानक सामने आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आजमगढ़ में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। शव आते ही पत्नी सबा खातून, 13 वर्षीया पुत्री हदिया, 12 वर्षीय पुत्र हम्मादव आठ वर्ष की रूकैया का रोते-रोते बुरा हाल हो गया।

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