मेरठ, मार्च 10 -- नीला ड्रम प्रकरण यानी सौरभ हत्याकांड में केस के पहले विवेचक दरोगा कर्मवीर सिंह ने मंगलवार को कोर्ट में पेश होकर बताया कि उन्होंने ही डिजिटल रूप में ई-साक्ष्य एप पर साक्ष्य संरक्षित किए थे। दरोगा कर्मवीर सिंह की पूर्व में कोर्ट के सामने गवाही पूरी हो चुकी है। साक्ष्य संकलन करने के संबंध में कोर्ट में शपथ पत्र भी दिया। इस मामले में अब 16 मार्च को अगली सुनवाई होगी। ब्रह्मपुरी निवासी सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में कर्मी थे। कुछ समय से वह लंदन में एक बेकरी में काम कर रहे थे और फरवरी 2025 को पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए भारत वापस आए थे। सौरभ की पत्नी मुस्कान का साहिल नाम के पुराने दोस्त से प्रेम प्रसंग चल रहा था। साहिल और मुस्कान ने मिलकर 3 मार्च की रात को सौरभ को खाने में नशीली दवा दी और सीने में चाकू घोंपकर हत्या कर दी। लाश के...