नई दिल्ली, जनवरी 20 -- ज्योतिष शास्त्र में रत्नों को ग्रहों की ऊर्जा को शरीर में संचारित करने वाला शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। पुखराज, नीलम, माणिक, मोती, पन्ना, हीरा जैसे रत्न ग्रहों की कमजोरी को मजबूत करते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। लेकिन रत्न धारण करने की विधि जितनी महत्वपूर्ण है, उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं धारण के बाद की सावधानियां। अगर इनमें से कोई भी गलती की जाए, तो रत्न अपनी शुभता खो देता है और उल्टा नकारात्मक परिणाम देने लगता है। इससे स्वास्थ्य हानि, आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और ग्रह दोष बढ़ सकता है। आइए जानते हैं रत्न पहनने के बाद नहीं करने वाली 5 सबसे बड़ी गलतियां और इनके दुष्परिणाम।खंडित या चटके हुए रत्न को कभी ना पहनें रत्न धारण करने के बाद सबसे पहली सावधानी यह है कि समय-समय पर उसकी जांच करते रहें। अगर र...