नई दिल्ली, मार्च 27 -- दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर में जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इसकी सुंदरता और कलाकृतियों को देखकर चकित रह जाते हैं। अब यहां 108 फीट ऊंची एक प्रतिमा ने यमुना किनारे बसे इस पवित्र स्थल को और ज्यादा आकर्षक बना दिया है। भगवान स्वामीनारायण जब किशोरावस्था में नीलकंठ वर्णी कहलाए,उनके उस स्वरूप को दर्शाती यह प्रतिमा एक पैर पर खड़ी विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति है। 26 मार्च को विधि विधान से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। भगवान स्वामी नारायण का जन्म 3 अप्रैल 1781 को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की छपिया गांव में हुआ था। माता-पिता ने उनका नाम घनश्याम पांडे रखा था। कहा जाता है कि जब घनश्याम महज 3 वर्ष के थे तो मार्कंडेय मुनि उनके माता-पिता के पास आए और भविष्यवाणी की कि यह बालक एक धर्म की स्थापना करेगा और लोगों की जिंदगी से दर्द और दुख...