सराईकेला, सितम्बर 8 -- सरायकेला। जिले के नीमडीह प्रखंड में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को संवैधानिक अमलीजामा पहनाने की मुहिम तेज हो गई है। प्रखंड के 53 गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर डीसी कार्यालय में आवेदन सौंपा है। इसमें भारत सरकार की ओर से अधिसूचित पंचायत अधिनियम, 1996 (पेसा अधिनियम) की धाराओं का हवाला देते हुए नीमडीह क्षेत्र में सदियों से चली आ रही रूढ़िवादी शासन व्यवस्था को आधिकारिक मान्यता देने की मांग की गई। ग्रामीणों ने डीसी के नाम सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि पेसा अधिनियम, 1996 की धारा 4 के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं, उनके पारंपरिक रीति-रिवाजों और स्वशासन व्यवस्था को संरक्षण व सशक्तीकरण देना प्रशासन की कानूनी जिम्मेदारी है। इसी कानून के आलोक में ग्रामीणों ने नीमडीह प्रखंड अंतर्गत पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था में स...