मुरादाबाद, मार्च 6 -- मुरादाबाद। बिहार की सियासत में लगातार कई दशकों से स्थापित नेता मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्णय ने खलबली मचा दी है। राजनीतिक हलकों में इस निर्णय को अलग निगाह से देखा जा रहा है। भाजपा ने कहा है कि यह सही समय पर लिया गया उनका अपना निजी और सही फैसला है तो वहीं विपक्ष ने इसे दबाव में लिया गया फैसला बताया। इसमें भाजपा का हाथ बताया तो किसी ने इसे पीडीए का अपमान बताया है। सपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते कोई स्तीफा देकर भला राज्य सभा क्यों जाएगा। वहीं कुछ नेताओं ने इस पर कहा कि यह उनका निजी फैसला है।

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