नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- संजय कुमार झा, सांसद व कार्यकारी अध्यक्ष, जद-यू आधुनिक बिहार के इतिहास में 24 नवंबर, 2005 सिर्फ सत्ता-परिवर्तन की तारीख नहीं है, बल्कि यह एक राज्य की खोई हुई गरिमा की पुनर्स्थापना का प्रस्थान-बिंदु है। बिहारवासियों के दिल में बसे नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के रूप में करीब दो दशकों का सबसे लंबा कार्यकाल, इसके इतिहास के स्वर्णिम व परिवर्तनकारी अध्याय के रूप में दर्ज हो चुका है। अब जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद का त्याग कर दिया है, तब यह उनकी सेवा यात्रा का विराम नहीं, बल्कि एक नया विस्तार है। वह आगे भी अपने बिहार परिवार की सेवा के साथ-साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई सरकार का मार्गदर्शन करते रहेंगे। किसी भी राजनेता के योगदान का वास्तविक मूल्यांकन उसके द्वारा छोड़ी गई विरासत के साथ-साथ उन चुनौतीपूर्ण परिस्थिति...