नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। दोनों ही गठबंधनों में सीट शेयरिंग को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को "सभी चुनावों की मां" करार देते हुए इसे कई मायनों में अनूठा बताया। यह चुनाव न केवल बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक होगा, बल्कि कई बड़े नेताओं और गठबंधनों की साख का भी इम्तिहान लेगा। आज हम उन प्रमुख कारकों पर नजर डालते हैं जो इस चुनाव को आकार देंगे। नीतीश का आखिरी दांव: पिछले दो दशकों से बिहार की सियासत में नीतीश कुमार केंद्रीय भूमिका में रहे हैं। यह चुनाव संभवतः उनका आखिरी बड़ा चुनाव होगा, जिसमें उनकी महिलाओं और अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) मतदाताओं के बीच लोकप्रियता एनडीए के लिए कितना असर दिखाएगी, यह ...
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