नई दिल्ली, जुलाई 21 -- महाराष्ट्र के बीड जिले के एक नीट-यूजी अभ्यर्थी ने 21 जून को हुई पुन:परीक्षा की उत्तर पुस्तिका से ओएमआर शीट का मिलान करने पर 522 अंक बनने का दावा करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ का रुख किया। एनटीए द्वारा घोषित परिणाम में उसे महज 95 अंक दिए गए। उत्तर पुस्तिका के सत्यापन और संशोधित परिणाम पत्र जारी करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई। औरंगाबाद पीठ के समक्ष याचिका दायर करने वाले सोहम नितिन गावते ने कहा कि अंकों में इस भारी अंतर के बारे में ईमेल भेजने के बावजूद जब एनटीए से कोई जवाब नहीं मिला, तो उसे अदालत का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस याचिका पर 23 जुलाई को सुनवाई होगी。

याचिकाकर्ता का दावा याचिकाकर्ता के अनुसार, उसने 14 जुलाई को जारी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की ओएमआर ...