अलीगढ़, मई 13 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। सुबह तक जिन आंखों में डॉक्टर बनने का सपना चमक रहा था, शाम होते-होते उनमें मायूसी उतर आई। नीट परीक्षा रद होने की खबर ने हजारों छात्रों और उनके परिवारों को झकझोर दिया। वर्षों की तैयारी, लाखों रुपये की कोचिंग फीस, परिवार की उम्मीदें और लगातार पढ़ाई का दबाव, सब कुछ अचानक अधर में लटक गया। किसी ने जेवर गिरवी रखकर बेटे को कोचिंग कराई थी तो किसी ने रिश्तेदारों से उधार लेकर किताबें खरीदी थीं। अब सवाल यही है कि आखिर इन टूटे सपनों का जिम्मेदार कौन है? जिले में दो हजार से अधिक छात्रों ने नीट परीक्षा की तैयारी की थी। इनमें बड़ी संख्या उन छात्रों की है, जो 2022 से लगातार तैयारी कर रहे थे। शहर के कई कोचिंग सेंटरों के बाहर बुधवार को उदास चेहरे दिखाई दिए। छात्र-छात्राएं एक-दूसरे से यही पूछते नजर आए कि अब आगे क्या ...