रांची, अगस्त 15 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। नीट-यूजी और पीजी के नामांकन में फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इस व्यवस्था के तहत रिम्स सहित राज्य के सभी सरकारी व निजी मेडिकल, डेंटल, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी कॉलेजों में प्रमाण-पत्रों का गहन सत्यापन किया जाएगा। नई एसओपी के अनुसार, अभ्यर्थियों के स्थानीय निवास, जाति, आय और दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों का सबसे पहले संबंधित सरकारी ऑनलाइन पोर्टल से सत्यापन होगा। यदि कोई प्रमाण-पत्र संदिग्ध पाया जाता है, तो उसे भौतिक सत्यापन के लिए संबंधित जिले के उपायुक्त को भेजा जाएगा, जिसकी रिपोर्ट 10 कार्य दिवसों में देनी होगी। जांच पूरी होने तक अभ्यर्थी को केवल औपबंधिक नामांकन मिलेगा। प्रमाणपत्र फर्ज...