आजमगढ़, मई 5 -- आजमगढ़, सवाददाता। मेंहनगर क्षेत्र के महादेव पारा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक श्रीधाम वृंदावन पं. गणेश उपाध्याय ने कहा कि मनुष्य के जीवन में निष्कामता सबसे बड़ा धर्म है। बिना किसी स्वार्थ के किए गए कर्म ही व्यक्ति को सच्चे अर्थों में आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। यह भी पढ़ें- समाज में नारी का अपमान होता है तो उसका परिणाम बहुत ही भयानक होती है: स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी महाराजनिष्कामता का महत्व निष्काम भाव से किया गया कार्य न केवल मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि जीवन में शांति, संतुलन और संतोष भी प्रदान करता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता बताते हुए कहा कि इसे सुनने का अवसर हर किसी को नहीं मिलता। अनगिनत जन्मों के पुण्य कर्मों के फलस्वरूप ही व्यक्ति को भागवत कथा श्रवण का सौभ...