उरई, अगस्त 31 -- कालपी, संवाददाता। विमुक्ति दिवस पर सोमवार को निषाद पार्टी व निषाद वंश समाज के लोगों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर चार मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी विनय मौर्य को ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भेजे जाएंगे। पदाधिकारियों ने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 1871 के तहत कई समुदायों को अपराधी घोषित किया गया था। 31 अगस्त 1952 को यह कानून निरस्त हुआ और समुदायों को विमुक्त जनजाति की पहचान मिली। इसी उपलक्ष्य में विमुक्ति दिवस मनाया जाता है। ज्ञापन में कहा गया कि केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मंझवार, कश्यप, तुरैहा, माझी, रैकवार आदि निषाद वंश की पर्यायवाची जातियां हैं। यह भी पढ़ें- जातिगत जनगणना में मंझवार की गिनती अलग से हो : निषाद पार्टी अन्य राज्यों में इन्हें एससी का ल...