गंगापार, मार्च 20 -- क्षेत्र के भीऊरा गांव में चल रहे 21 कुंडीय नौदिवसीय श्री सीताराम महायज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को कथावाचक ने निषादराज व श्रीराम प्रसंग की कथा मौजूद लोगों को श्रवण कराया। श्रीराम से मिल निषादराज कि आंखों से झर झर कर आंसू बहने लगे। कथा के दौरान पंडित मनोज शास्त्री ने केवट प्रसंग पर चर्चा करते हुए कहा कि भगवान श्री राम केवट के पास गंगा नदी के किनारे जाकर गंगा पार होने के लिए नाव मांगी। जहां नाव मांग कर प्रभु श्री राम ने सबसे निचले समाज के व्यक्ति केवट के ऊपर कृपा करते हुए उसके साथ ही पूर्वजों का उद्धार किया। प्रभु श्रीराम रास्ते में ग्रामीणों से मिलते हुए उनको खुशी करते हुए बाल्मिकी आश्रम पहुंचे। श्री रामजी बाल्मिक मुनि जी से ठहरने का स्थान पूछते हैं तो वाल्मीकि जी ने भक्तों के हृदय में स्थान बताया। कथा के दौरान मुख्य यज...