गोरखपुर, जून 16 -- गोरखपुर। जनगणना के दौरान ओबीसी वर्ग की निषाद जाति के लोगों की ओर से अनुसूचित जाति की मझवार श्रेणी में दर्ज करने की आशंका जताते हुए यूपी अनुसूचित जाति-जनजाति संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने जिलाधिकारी दीपक मीणा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मोर्चा के संरक्षक डॉ राम समुझ ने कहा है कि पूर्व सांसद इंजीनियर प्रवीण निषाद ने स्वयं को मझवार के रूप में दर्ज करने का मामला सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट 31 अगस्त 2022 के निर्णय में 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने संबंधी शासनादेशों को असंवैधानिक ठहराते हुए निरस्त कर चुका है।उन्होंने जनगणना कर्मियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की कि निषाद जाति के लोगों को मझवार के रूप में अंकित न किया जाए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नियमानुसार कार्रवाई और संबंधित कर्मचारियों को...