रांची, जुलाई 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। रिम्स भूमि अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आदिवासी नेत्री निशा भगत की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने बुधवार को जमानत याचिका मंजूर की। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शिशिर राज ने पक्ष रखते हुए कहा कि निशा भगत आदिवासियों के अधिकारों और जनहित के मुद्दों को उठा रही थीं। उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तथ्यों पर आधारित नहीं है और उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। रिम्स परिसर के समीप जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने निशा भगत समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी मामले में गिरफ्तारी की आशंका को...