देवरिया, फरवरी 25 -- देवरिया, निज संवाददाता। सोमवार को श्री श्याम मंदिर समिति की बैठक हुई। इसमें निशान यात्रा के तैयारी पर चर्चा हुई। सचिव अशोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि महाभारत काल के भीम पौत्र बर्बरीक महादानी व दिव्य शक्तियों से विभूषित योद्धा थे। उन्होंने महाभारत के युद्ध में प्रतिज्ञा किया था कि जो हारेगा, हम उसका साथ देंगे। इस धर्म युद्ध में अर्धम रूपी कौरव की हार आवश्यक थी। इसके कारण भगवान श्री कृष्ण ने छल करके बर्बरीक के शीश को दान में मांग लिया। बाद में भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि महाभारत युद्ध देखने के उपरांत तुम्हारा शीश जिस स्थान पर गिरेगा वहां पर दिव्य मन्दिर बनेगा और कलयुग में तुम्हारी पूजा हमारे श्याम नाम से होगी। कालान्तर में मंदिर शीश के प्राकट्य स्थल खाटू धाम में बना। यहां पर निशान (ध्वजा) चढाने का महत्व विशेष...