पटना, जुलाई 31 -- Bihar News: दिल का दौरा पड़ने पर तीन मिनट के भीतर कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देने से व्यक्ति की जान सकती है। इसलिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हैरत की बात यह है कि पिछले छह माह के दौरान प्रशिक्षण के लिए पहुंचे 300 डॉक्टरों में से 80 फीसदी को सीपीआर देना ही नहीं आता। राज्यभर के पीएचसी और सदर अस्पतालों के चिकित्सक बारी-बारी से प्रशिक्षण लेने आईजीआईएमएस पहुंच रहे हैं। पीएचसी के डॉक्टरों में इस प्रक्रिया की समझ न होने के कारण प्रशिक्षण कार्यक्रम का हर दो महीने पर कराने का निर्णय लिया गया है। आईजीआईएमएस में एनईएलएस (नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट) स्किल सेंटर स्थापित है, जह...